काश
काश कि ऐसा हो पाता.....................
तेरे जीवन की धरा से ..
मेरा जीवन भी मिल जाता ...
काश कि ऐसा हो पाता ........................
तुम मेरी साँसों में , मन में ...
बस तुम ही मेरे जीवन में ...
जीवन की सारी खुशियों में ...
मैं भी तेरे संग मुस्काता ......
काश की ऐसा हो पाता .......................................
खुशियाँ दे कर सारे जहाँ की ....
भर देता आँचल को तेरे ...........
और उस पल जब मुस्काती तुम ...
मैं भी तेरे संग मुस्काता ..............
काश की ऐसा हो पाता .................................................
अपने प्यार के सारे पल को .....
मैं इक शायर जैसे लिखता ........
मेरे लिखे उन गीतों को ......
कोई तेरे सुर में गाता ..............
काश की ऐसा हो पाता ..............................................................
तुम होती फूलों की बगिया ......
भंवरा बन में उसमें गाता .........
काश कि ऐसा हो पाता ..................................................
Thursday, March 22, 2007
Wednesday, March 21, 2007
पर्दा
उन्होने
ना जाने किस खता कि दे रही हैं सजा
अब तक जीता आया हूँ उनके ही ख्वाबों में
कैसे जी पाऊँगा जब वो कर लेंगे मेरे सपनो से पर्दा
एक यही सहारा था मेरे पास तुम्हारे सिवा
उससे भी मर्हूम् किया दिवाने को करके पर्दा
Posted by
suman
at
10:03 PM
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