Saturday, April 07, 2007

उनके आने की जब आहट होती है ...
सीने में समंदर चलता है ..
आंखों में चमक सी रहती है
जज्बात सुनायी देते हैं ..
होठों पे इबादत होती है .................

अक्सर उनके आते ही हम 'दीवाने' बन जाते है
सीने में बहते समंदर को, साँसों में जगह दे देते हैं
वो पास मेरे जब आती हैं, फूलों कि खुशबु आती है
और हम फिर उस खुशबु में , खुद को भिगोये जाते हैं

हम ख़्वाब सजाने लगते हैं
ख़्वाबों में जीने लगते हैं
आंखों में जो मस्ती छाती है
हम उन्हें पीने लगते हैं

जज्बात गूंजने लगते हैं
हालात सवरने लगते हैं
जो दिल में संजों कर रखे थे
वो अरमान मचलने लगते हैं .........

आंखों में चमक सी रहती है
वो पास जब मेरे होती हैं ...
फिर बस उसको ही पाने की
होठों पे इबादत होती है ....................

उनके आने की जब आहट होती है ..
सीने में समंदर चलता है ..
आंखों में चमक सी रहती है
जज्बात सुनायी देते हैं ..
होठों पे इबादत होती है .................

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